स्तन कैंसर: लक्षण, पहचाना और जागरूकता
स्तन कैंसर (Breast Cancer) आज की तारीख में महिलाओं में होने वाला एक बेहद आम और चिंता का विषय बन चुका है। यह बीमारी महिलाओं के साथ कुछ दुर्लभ मामलों में पुरुषों को भी प्रभावित कर सकती है। आम जनता में जागरूकता की कमी के कारण बहुत बार इसके लक्षणों को गंभीरता से नहीं लिया जाता, जिससे बीमारी का निदान देर से होता है और उपचार में मुश्किलें आती हैं। इस लेख में हम ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण (Breast Cancer Symptoms) विस्तारपूर्वक हिंदी में प्रस्तुत कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग ऐसे संकेत पहचान कर समय रहते डॉक्टर से संपर्क कर सकें।
ब्रेस्ट कैंसर क्या है?
स्तन कैंसर वह स्थिति है जिसमें स्तन की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और एक गांठ या ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। यह कैंसर धीरे-धीरे शरीर के अन्य अंगों तक भी फ़ैल सकता है। स्तन कैंसर के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ आम संकेत होते हैं, जिन्हें जानना बहुत ज़रूरी है।
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स्तन कैंसर के प्रमुख लक्षण
1. स्तन में गांठ या सूजन
- यह सबसे आम लक्षण है। यदि स्तन में या बगल (armpit) में कोई नयी या असामान्य गांठ, मास, या सूजन महसूस हो रही है, तो इसे कभी नज़रअंदाज न करें। सामान्यतः यह गांठ बिना दर्द की होती है, लेकिन कभी-कभी इसमें हल्का दर्द भी हो सकता है।
- गांठ का आकार धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा हो या कठोर हो, तो डॉक्टर से तुरंत जांच करानी चाहिए।
2. स्तन का आकार या बनावट में बदलाव
- यदि आपके स्तन या निप्पल का आकार, आकृति या बनावट में बदलाव आ रहा है – जैसे आकृति असमान, सिकुड़न, झुर्रियां (त्वचा का सतह संतरें के छिलके जैसी दिखना) – यह भी एक चिंता का विषय है।
- स्तन त्वचा पर खिंचाव, कालापन, लालिमा, उभार या गड्ढे आदि बदलाव भी कैंसर संकेत हो सकते हैं।
3. निप्पल में बदलाव और डिस्चार्ज
- निप्पल से अचानक असामान्य तरल पदार्थ निकलना – जो सफेद, पीला, हरा, या कभी-कभी खून जैसा हो सकता है – गंभीर लक्षण है।
- निप्पल का आकार बदलकर अंदर को धंसना (Inverted Nipple) भी कैंसर का इशारा हो सकता है।
- निप्पल में लगातार खुजली, जलन, या पपड़ी बनना भी ध्यान देने योग्य है।
4. स्तन या निप्पल में दर्द
- कई बार स्तन या निप्पल में लगातार दर्द, जलन, असहजता, या संवेदनशीलता भी ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण हो सकते हैं – खासकर अगर वह मासिक धर्म से जुड़ा न हो।
- हालांकि, शुरुआती स्तन कैंसर में अधिकतर गांठ दर्द रहित रहती है।
5. त्वचा पर अन्य बदलाव
- त्वचा का रंग बदलना – जैसे लालिमा, गहरापन, या रंग का हल्का होना।
- त्वचा का मोटा होना या छूने पर कठोर लगना
- त्वचा पर खुले घाव या पपड़ी बनना, विशेषकर निप्पल के आस-पास।
6. अंडरआर्म (कांख) में सूजन या गांठ
- स्तन के अलावा, अगर कांख में कोई सूजन या गांठ महसूस हो, तो संभावना है कि कैंसर लिम्फ नोड्स तक फैल चुका है और जल्द से जल्द जांच करवानी चाहिए।
7. स्तन के आकार या रंग में बदलाव
- अगर लंबे समय तक किसी एक स्तन का आकार या रंग दूसरा से भिन्न है, तो यह संकेत भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।
- कभी-कभी स्तन का आकार बड़ा या छोटा, या उसमें असामान्यता दिखाई दे सकती है।
8. त्वचा की सतह पर संतरे के छिलके जैसी आकृति
- यदि स्तन की सतह संतरें के छिलके जैसी (orange peel) दिखने लगे, यह खास लक्षण है।
9. हड्डी, पीठ, या अन्य अंगों में दर्द
- अगर स्तन कैंसर अतिशय बढ़ जाए तो हड्डियों, पीठ या शरीर के अन्य अंगों में दर्द हो सकता है – यह कैंसर के आगे फैलने का संकेत होता है।
10. वजन घटना, भूख कम लगना या थकावट
- बहुत मामलों में कैंसर से ग्रसित व्यक्ति को जाने-अनजाने अत्यधिक थकान, कमजोरी और वजन घटना भी महसूस हो सकता है।
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कब डॉक्टर से संपर्क करें?
कोई भी ऊपर बताए गए संकेत या लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है। ख़ासकर अगर वे बदलाव 2-3 हफ्तों में ठीक नहीं होते या बढ़ते प्रतीत होते हैं। इन लक्षणों का मतलब हमेशा स्तन कैंसर नहीं होता, लेकिन डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
स्तन कैंसर की पहचान के तरीके
डॉक्टर प्रायः निम्न जांचें करवा सकते हैं:
- मैमोग्राफी (Mammography)
- अल्ट्रासाउंड
- बायोप्सी (Biopsy)
- MRI
समय पर सही जांच व निदान से इलाज सरल और प्रभावी हो सकता है।
स्तन कैंसर से बचाव और जागरूकता
हालांकि स्तन कैंसर के हर मामले में बचाव संभव नहीं, लेकिन कुछ जीवनशैली और आदतों में बदलाव करके, और नियमित जांच से जोखिम कम किया जा सकता है –
- अपने स्तन की गिरा-गिरा कर स्वयं हर महीने जांच करना
- नियमित मैमोग्राफी (40 वर्ष के बाद या परिवार में पहले से रोग का इतिहास हो तो डॉक्टर की सलाह अनुसार)
- पोषक आहार, व्यायाम, धूम्रपान व शराब से परहेज
- शरीर में कोई भी असामान्यता दिखे तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क
- स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ नियमित चेकअप
इस तरह की जानकारी परिवार और समाज के साथ साझा करना बहुत आवश्यक है, ताकि हर कोई इसके प्रति सतर्क और जागरूक रहे।
निष्कर्ष
स्तन कैंसर का समय पर पता चलना एवं सही इलाज मिलना जीवन बचा सकता है। महिलाओं को विशेष रूप से अपने शरीर के बदलते संकेतों को गंभीरता से लेते हुए इन लक्षणों को पहचानना चाहिए। “रोकथाम बेहतर है इलाज से।” इसलिए ब्रेस्ट कैंसर के किसी भी लक्षण को अनदेखा न करें और अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
